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  • उच्चस्तरीय क्रियात्मक योग प्रशिक्षण शिविर - दर्शन योग महाविद्यालय, आर्यवन, रोजड में . 20,September 2017 Read More
  • क्रियात्मक योग प्रशिक्षण शिविर, दर्शन योग साधना आश्रम द्वारा संचालित, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में . 11,August 2017 Read More

दर्शन योग महाविद्यालय

आर्यवन, रोजड

(वैदिक दर्शन अध्यापन एवं ध्यान योग प्रशिक्षण का आदर्श संस्थान)

 

दर्शन योग महाविद्यालय की स्थापना चैत्र शुक्ला प्रतिपदा विक्रम संवत् २०४३ (१०अप्रैल१९८६) को श्री स्वामी सत्यपति जी परिव्राजक द्वारा हुई । वर्तमान में स्वामी विवेकानंद परिव्राजक (निदेशक)स्वामी ब्रहमविदानन्द सरस्वती (आचार्य), स्वामी ध्रुवदेव परिव्राजक (कार्यकारी आचार्य), आचार्य प्रियेश (उपाचार्य), आचार्य ईश्वरानंद (कार्यकारी उपाचार्य), आचार्य दिनेश कुमार (व्यवस्थापक) के पद पर कार्यरत है । 

दर्शन योग महाविद्यालय

सुन्दरपुर, हरयाणा

(वैदिक दर्शन अध्यापन एवं ध्यान योग प्रशिक्षण का आदर्श संस्थान)

 

परम पूज्य स्वामी सत्यपति जी परिव्राजक द्वारा स्थापित दर्शन योग महाविद्यालय आर्यवन रोजड के प्रतिरूप शाखा दिनांक 30-11-2015 को स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजकस्वामी ब्रहमविदानन्द  जी सरस्वती आदि अनेक साधू महात्मा के उपस्थिति में स्वर्गीय श्री आचार्य बलदेव जी के करकमल से उद्घाटन किया गया । दर्शन योग धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित यह दर्शन योग महाविद्यालय महात्मा प्रभु आश्रित कुटिया, सुंदरपुर, रोहतक में पूज्य स्वामी विवेकानंद जी परिव्राजक निर्देशन में आचार्य श्री नवानन्द जी, स्वामी श्री आशुतोष जी परिव्राजक, श्री निगम मुनि जी विद्यालय के अध्यापन आदि सभी कार्यों का संचालन कर रहे हैं ।

दर्शन योग साधना आश्रम

कुरुक्षेत्र, हरियाणा

(वैदिक योग साधना एवं योग प्रशिक्षण का आदर्श संस्थान)

 

अभ्युदय (लौकिक उपलब्धियाँ) और निःश्रेयस (मोक्ष) वैदिक भारतीय संस्कृति की विरासत है और इसको आत्मसात् किए बिना मानव जीवन की सफलता असम्भव है। अतः इसकी रक्षा और वृद्धि हम सबका एक अनिवार्य कर्त्तव्य बन जाता है। इसी उद्देश्य से दर्शन योग धर्मार्थ ट्रस्ट की ओर से ‘दर्शन योग साधना आश्रम’ के नाम से एक नई और विशिष्ट योजना का शुभारम्भ दिनांक ३०/१०/२०१६ को गीता प्रादुर्भाव की पुण्यभूमि कुरुक्षेत्र, हरियाणा से किया गया है । वहाँ तीन बीघा भूमि है उसमें 4 साधना कुटिरों का निर्माण किया गया है। वर्तमान में उच्चस्तरीय साधना का अनुष्ठान आरम्भ हो गया है । अब तक इस पुनीत कार्य में लगभग 50 लाख रुपये राशि व्यय हो चुकी है । तथा दर्शन योग महाविद्यालय के  आचार्य विद्वान आदि उच्चस्तरीय योग साधना कर रहें हैं ।

वैदिक परिषद

रोजड़, गुजरात

(वैदिक धर्म की रक्षा और समृद्धि का आदर्श संस्थान)

 

दर्शन योग धर्मार्थ ट्रस्ट अपने पूर्वजों ऋषि-मुनियों के द्वारा अनुपालित परम्पराओं की अनमोल थाती को सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रयासशील है । आर्य समाज में योग-विद्या में आदर्श माने जाने वाले पूज्य स्वामी सत्यपति जी परिव्राजक की यह अभिलाषा रही है कि समाज में ऐसे सत्यवादी परोपकारी दार्शनिक आदर्श योगियों का निर्माण किया जाये, जिनका मुख्य उद्देश्य निष्ठापूर्वक ईश्वर, जीव, प्रकृति व भौतिक पदार्थों का वैदिक ज्ञान-विज्ञान आदान-प्रदान करना हो । यह सब कार्य समान लक्ष्य वाले व्यक्तियों के धार्मिक संगठन द्वारा ही सम्भव है । दर्शन योग धर्मार्थ ट्रस्ट ने अपने ऐसे संगठन-निर्माण का निश्चय किया है ।

सफ़लता विज्ञान

सफलता विज्ञान परियोजना 

उद्देश्य - मनोरंजक  शैली में आम जन (1) पढ़ाई, (2) नौकरी (प्रशासनिक दक्षता), (3) व्यापार, (4) व्यवहार और (5) साधना आदि के क्षेत्र मे सफलता प्राप्त करने के रहस्य को जानकर सफलता के शिखर को छू सकें । यह लक्ष्य है, जिसे पूरा करने के लिए सफलता विज्ञान परियोजना की टीम इस विषय में अनुसंधान, सृजन और प्रचार का कार्य कर रही है । यह दर्शन योग महाविद्यालय की सबके साथ मिलकर कार्यान्वित करने वाली एक अभिनव परियोजना है ।

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